गर्मी में नहाना तो फिर भी माफ़ किया जा सकता है , पर ठण्ड में रोज नहाना बिलकुल प्रकृति विरुद्ध है। जिन्हे ईश्वर में विश्वास है , वे यह क्यों नहीं सोचते कि यदि शीत ऋतु भी रोज नहाने की होती , तो वह इतनी ठण्ड क्यों पैदा करता ? शीत ऋतु उसने नहाने के लिए बनाई ही नहीं है, लेकिन आप 'सी सी ' करते जा रहे और रोज नहा रहे है
#स्नान
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